लंदन की ठंडी हवाएं, गुनगुनी धूप, और नीले आसमान के नीचे टेम्स नदी पर धीरे- धीरे बहती याच — माहौल में जादू घुला हुआ था। चारों तरफ टुरिसट की हलचल थी, लेकिन उस पर्सनल याच पर सब कुछ जैसे थम सा गया था।
जान्हवी ने वह नीली बॉडीकॉन ड्रेस पहन रखी थी — वही, जिसका ज़िक्र विराज ने किया था। वह ड्रेस समुद्र की लहरों जैसी बहती हुई उसके चारों ओर लहरा रही थी। उसके बाल खुले थे, हल्की सी लहरों में उड़ते हुए, और आँखों में थोड़ी सी झिझक — और बहुत सारा प्यार।
"Wow..." जयराज ने सबसे पहले कहा, जब जान्हवी लिविंग एरिया से डेक की ओर आई।
विराज तो एकदम चुप हो गया, जैसे शब्द ही भूल गया हो। युवराज ने मुस्कुराते हुए उसे देखा और हल्के से कहा, "Careful, वरना याच से गिर न जाए तू..."
जान्हवी शर्माते हुए मुस्कुराई और तीनों के पास आकर खड़ी हो गई।
जान्हवी तीनों के पास खड़ी हुई, हल्की सी मुस्कान के साथ। उसकी आँखों में एक अनकहा सवाल था, जैसे वह यह जानना चाहती हो कि बाकी सब को भी वह जादू महसूस हो रहा है, जो उस पल में छिपा हुआ था।
"क्या हुआ?" जान्हवी ने विराज की तरफ देखा, जो अब तक कुछ नहीं बोला था। उसकी चुप्पी को समझते हुए, वह धीमे से बोली, "क्या तुम मुझे ऐसे देखोगे तो मैं गिर जाऊँगी क्या?"
विराज की आँखों में थोड़ा सा शरम और बहुत सारा आकर्षण था, जैसे उसने पूरी तरह से जान लिया हो कि यह पल कभी भी खत्म नहीं होना चाहिए। "नहीं... बस तुम और भी खूबसूरत लग रही हो, इतनी खूबसूरत कि मैं अपनी आँखों से देख नहीं पा रहा," उसने हल्के से कहा, फिर ज़रा सी मुस्कान के साथ अपनी नजरें हटा लीं।
युवराज ने मजाकिया लहजे में कहा, "यह क्या है? रोमांटिक मोमेंट या कुछ और? चुप रहो, तुम दोनों ही अगर अभी और बातें करने लगे तो हम याच से किधर जा रहे हैं ये भी भूल जाएंगे।"
जान्हवी हंसी दबाते हुए बोली, "अच्छा, अच्छा, मैं चुप हो जाती हूँ, लेकिन तुम लोग कभी भी ऐसे चुप मत रहना।"
तीनों कुछ देर के लिए खामोश हो गए, बस उस खूबसूरत लम्हे को महसूस करते हुए। टेम्स की लहरें हल्के से याच के किनारे को छू रही थीं, और सूरज की किरणें पानी में झिलमिला रही थीं।
विराज ने उसकी तरफ देखा, और फिर झिझकते हुए कहा, "तुमसे मिलकर ऐसा लगा जैसे यह सफर सिर्फ तुम्हारे लिए था... जैसे तुम्हारे बिना यह सब अधूरा होता।"
जान्हवी उसकी बातों को हल्के से टालते हुए मुस्कुराई, लेकिन उसकी आँखों में वो चुप्पी और गहरी भावनाएँ कहीं छुपी हुई थीं, जो सिर्फ वह और विराज ही महसूस कर सकते थे।
"क्या तुम जानते हो, जान्हवी," युवराज ने अचानक कहा, "यह शहर, यह नदी, ये लहरें — ये सब एक खूबसूरत कहानी की तरह हैं। और हमें पता नहीं, हम इस कहानी का कौन सा हिस्सा बनते हैं।"
जान्हवी की नज़रें एक पल के लिए चुपचाप टेम्स के पानी पर टिकीं। यह सफर सच में कुछ खास था, और वह इसे अपनी यादों में हमेशा के लिए संजोना चाहती थी।
"मुझे लगता है, हम सभी इस कहानी के हिस्से हैं," उसने धीरे से कहा, जैसे किसी गहरे एहसास में खो गई हो।
"सही कहा तुमने," युवराज ने मुस्कुराते हुए कहा, और फिर धीरे से याच की दिशा बदल दी, जैसे नया सफर शुरू करने को तैयार हो।
वह चुपचाप उस खूबसूरत लम्हे को जीने लगे, जैसे यह पल कभी न खत्म हो।
" मुझे यह ट्रीप हंमेशा याद रहेगी" ज्हानवी ने थेम्स नदी के पानी को देखते हुए कहा था । ।
"मुझे भी" जयराज ने उसे पीछे से गले लगा लिया था । ।
" और मुझे भी, हमने बहुत इंजोय किया, हनीमून भी हो गया और फेमिली टाइम भी" विराज ने ज्हानवी के गाल पर किस करते हुए कहा और उसके एक हाथ को अपने हाथ में लेकर उसके राइट साइड में खड़ा हो गया था । ।
" हम्म, मुझे नहीं पता था कि ट्रीप पर जाना इतना रिफ्रेशिंग होता है" युवराज ज्हानवी की लेफ्ट साइड में खड़ा हो गया था । ।
बाकी तिनों ने युवराज को घुरा था । ।
" वो इसलिए क्योंकि आप वरकोहोलिक है । ।" ज्हानवी ने अपने दुसरे हाथ से युवराज के कंधे को थपथपाया था । ।
जयराज और विराज ने मुश्किल से अपनी हंसी कंट्रोल की थी । ।
युवराज ने उन्हें घुर के देखा था । ।
"अब ऐसा भी नहीं है, जान " युवराज ने ज्हानवी के हाथ को चुमते हुए कहा था । ।
"अच्छा" ज्हानवी ने सिर हिलाया था । ।
और युवराज ठिठक गया था और अपना सिर घुमाया था । ।
" कोई बात नहीं काम करते रेहना कोई बुरी बात नहीं लेकिन, खुश रेहना भी जरूरी है आखिर आप इतनी मेहनत हमारी खुशी और कंफर्ट के लिए ही करते हैं ना तो हमारे साथ टाइम भी हमारी खुशी के लिए ही स्पेंड किया करें " ज्हानवी युवराज की आंखों में देखते हुए कहा था । ।
जयराज और विराज ने भी बच्चों की तरह युवराज की तरफ देखा था जिससे वह हंस पड़ा था । ।
" Ok, My Queen, अब से हम हर साल वेकेशन पर जाएंगे और हर बार तुम्हारी चोइस की जगह होगी । ।" युवराज ने कहा था । ।
" Yay, Thank you, भाई , " जयराज और विराज दोनों ने चियर किया था । ।
जबकि ज्हानवी खुशी से युवराज के गले लग गई थी । ।
"अगले साल पेरिस, मोस्ट रोमांटिक प्लेज" जयराज ने कहा था । ।
" No, अगले साल अमेरिका मोस्ट होट प्लेज " विराज ने कहा था । ।
" पेहले इंडिया में घुमने की जगह जाएंगे, हमारा देश भी बहुत खूबसूरत है । ।" ज्हानवी ने कहा था । ।
" जैसे तुम चाहोगी वैसे ही होगा " युवराज ने कहा था । ।
" लेकिन मुझे तुम्हें वह सभी जगह दिखानी है जो मैंने देखी है और अपने सारे फ्रेंड्स भी इंट्रोड्यूस करवाना है । ।" विराज ने जिद की थी । ।
" तो फिर एक साल इंडिया और एक साल फोरेन ऐसे शेड्यूल कर सकते हैं । ।" जयराज ने कहा था । ।
और इस बात पर सभी एग्री हो गये थे । ।
उसके बाद वह सब डिनर करते हैं और फिर डांस करते हैं । ।
डांस करते हुए विराज शैम्पेन की बोटल खोलता है और तिनों भाई अपने ग्लास भरते है । ।
युवराज अपना ग्लास ज्हानवी की तरफ बढ़ाते हुए कहता है
" ड्रींक करना मना नहीं लेकिन, कभी कभार और जब हम तीनों में से कोई तुम्हारे साथ ना हो तो बिल्कुल नहीं, ok "
ज्हानवी ने मुस्कुराते हुए हां में सिर हिलाया था युवराज के ग्लास से एक सिप लिया और ग्लास वापस कर दिया था । ।
" युव जी, " ज्हानवी ने अपनी बाहें उसके गले में डाल कर उसे धीरे से पुकारा था । ।
" हम्म जान, " युवराज ने उसकी कमर पर अपने हाथ कसते हुए पूछा था । ।
" Let's Have Baby, घर जाने के बाद" ज्हानवी शरमाते हुए कहा था । ।
जयराज और युवराज दोनों उसकी बात सुनकर खुश हो गए थे और उसे गोद में उठा लिया था । ।
ज्हानवी उन दोनों को देख कर हंस पड़ी थी । ।
लेकिन वि
राज अपसेट हो गया था । ।
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