
रूहानी ने सिर उठाकर पन्ना की आँखों में देखा। उन आँखों में कोई डर नहीं था, सिर्फ़ एक शांत दृढ़ता थी। उसकी आवाज़ में वो आत्मविश्वास था जो उस महल में शायद ही किसी ने सुना होगा।
"मैं सच को जाने बिना यहाँ से भागूँगी नहीं।" रूहानी ने साफ़-साफ़ कहा।


रूहानी ने सिर उठाकर पन्ना की आँखों में देखा। उन आँखों में कोई डर नहीं था, सिर्फ़ एक शांत दृढ़ता थी। उसकी आवाज़ में वो आत्मविश्वास था जो उस महल में शायद ही किसी ने सुना होगा।
"मैं सच को जाने बिना यहाँ से भागूँगी नहीं।" रूहानी ने साफ़-साफ़ कहा।

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