Me janti ye thoda disturbing hai lekin aaj bhi kuch jan jatiyo me ye practice hai .
Mera kisi ki bhi fillings ko chot pahunche ka irada nahi hai .
Is story me koi rape scene nahi hai aur tragedy se jyada comedy hai
Agar aap comfortable ho to aage padhe .
मैं चैप्टर्स को अभी के लिए चार्ज नहीं कर रही हुं । ।
लेकिन में रिक्वेस्ट करती हुं कि आपको अगर मेरी लिखी हुई स्टोरी पसंद आ रही है तो प्लीज आप मुझे
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कहानी की झलक
तीन भाइयों के माता -पिता की मृत्यु तब हुई जब वे 13 वर्ष के थे क्योंकि राजीव (टरीपलेटस के चाचा ) ने अपने भाई राज (टरीपलेटस के पिता) और नियोनिका ( टरीपलेटस की माँ) को उनकी फैमिली प्रोपर्टी के लिए मार डाला था, इसलिए नियोनिका की मरते टाइम की आखिरी इच्छा थी कि वे तीनों भाई एक -दूसरे से प्यार करें, कभी किसी चीज के लिए न लड़ें और हमेशा सब कुछ एक दूसरे से बराबर बांटें । । ।
ज्हानवी खूबसूरती से सजे हुए बिस्तर पर बैठी है, गद्दे पर चारों तरफ फूल बिखरे हुए हैं और वह अपने पति का इंतज़ार कर रही है...
उफ़... पति ??
एक एलिट क्विन की तरह दिख रही है, उसका खूबसूरत लहंगा उसके शरीर की शोभा बढ़ा रहा है, भारी भरकम ज्वेलरी उसे और भी खूबसूरत बना रहे हैं और यह सब उसके पतियों की बदौलत है । ।
ज़ी हां , आपने पढ़ने में भुल नहीं की है । । पतियों यानी कि Husband' s सही पढ़ा आपने । ।
वह सोच रही थी कि उसकी लाइफ 360 डिग्री के एंगल से कैसे घूम गई है । ।
। । ज्हानवी का पोइंट ओफ व्यु । ।
आज यहाँ मेरी पहली रात है मैं अपने पति का इंतज़ार कर रही हूँ पता नहीं आज रात मेरे साथ क्या होगा हे भगवान, क्या वे मुझे फोर्स करेंगे......
नहीं, क्या मैं तैयार हूँ?....नहीं, गोविंद जी प्लीज मुझे बचा लो... क्या करु मैं भाग जाऊँ.... .नहीं वे मुझे कभी भागने नहीं देंगे और साथ ही अब मैं उनसे बंधी हुई हूँ, मुझे उन्हें एक्सेप्ट करना होगा । । मुझे अभी भी याद है कि कैसे उन्होंने मुझे इस शादी में फँसाया है । ।
दरवाज़े की क्लिक की आवाज़ सुनकर वह अपने ख्यालों से बाहर आई जिसका मतलब था कि वे यहाँ हैं और ज्हानवी की साँसें उसकी शादी की रात के बारे में सोचकर रुक गईं थीं । ।
ज्हानवी की सांस उसकी सुहाग रात के बारे में सोचकर रुक गई थी । । जल्द ही दरवाजा खुला और हमारा हीरो..... सॉरी हीरोस एंटर हुएं और गर्म निगाहों से जहान्वी की ओर देखा था । ।
"युवराज सिंह" और "जयराज सिंह"
ज्हानवी ने देखा सफेद डीजाइनर शेरवानी पहने वह किसी प्रिंस चार्मिंग जैसे लग रहे थे । ।
लेकिन वह कितने चालक और मैनिपुलेटिव थें यह ज्हानवी अच्छी तरह जानती थी । ।
ज्हानवी की हालत बहुत ख़राब हो रही है, वह एक ही टाइम में दो मर्दों के साथ से क्स करने के बारे में सोचकर काँपने और थरथराने लगती है । ।
वह अपनी पलकें ऊपर उठाती है और विराज उनके साथ न पाकर भौंहें सिकोड़ती है । ।
युवराज और जयराज अपनी पत्नी की खूबसूरती को आँखों से निहारते हुए छोटे -छोटे कदमों से आगे बढ़े थें । ।
बिस्तर के पास पहुँचने के बाद वे बिस्तर के दोनों ओर बैठ जाते हैं और ज्हानवी अपनी मुट्ठी में चादर को पकड़ती है और अपने पैरों की उँगलियों को मोड़कर उन्हें अपने पास महसूस करती है । ।
युवराज: ज्हानवी तुम बहुत सुंदर लग रही हो, यह तुम्हारी पहली रात का तोहफ़ा है । ।
यह बहुत खूबसूरत क्विन चौकर सेट था ।
टरीपलेटस में बड़े
" युव राज सिंह" नीक नेम "युव"
काल्म, कंपोजड, ईमानदार, डोमिनेटिंग, तीन भाइयों में सबसे बड़ा, हालाँकि वह बहुत शांत स्वभाव का है, जब वह गुस्से में आता है तो कोई उसे रोक नहीं सकता, बहुत रिसपोंसिबल , अपनी पत्नी या उनकी पत्नी से बहुत प्यार करता है, उसका साथ देता है, उसके भाई उसका सबकुछ हैं, ओरथोडोकस, ज्योतिष में दृढ़ विश्वास, अपने भाइयों की तरह ज़्यादातर अपनी पत्नी के लिए पोजेसिव नेस जताने वाला, सोफट हार्ट वाला इंसान, सबसे अमीर एशियन बिलियोनेर , सिंह एंड सिंह एंटरप्राइजेज के एम.डी., 13 साल की उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया, तब से वह अपने छोटे भाइयों के माता-पिता हैं, हमेशा अपने भाई के साथ सब कुछ शेयर करता हैं, यहाँ तक कि उनकी पत्नी के भी । ।
जयराज : and this is from my side wifey
और यह मेरी तरफ से है, बीवी । ।
यह दो सुंदर जड़ाऊ कंगन थें । ।
टरीपलेटस में सेकेंड
"जय राज सिंह" नीक नेम " जय"
पोजेसिव, पेशनेट, मोंस्टर
आदमी, दिल का अच्छा लेकिन हमेशा अपना मोंस्टर साइड दिखाता है, एंगर इशयुश है, बैकवर्ड सोच वाला जिसे लगता है कि उनकी पत्नी को हमेशा उनके बताए अनुसार ही काम करना चाहिए, युव राज से 5 मिनट छोटा, अपने भाइयों से बेइंतहा प्यार करता है, सबसे पहले उसके भाई, दूसरे उसकी पत्नी और तीसरे उसके पैसे और शोहरत, वरना उसे किसी की परवाह नहीं, वह चाहता है कि उसकी पत्नी उसकी उंगलियों पर लिपटी रहे लेकिन ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि युवराज ज्हानवी का साथ देता है, ऐसा नहीं है कि वह अपनी पत्नी से प्यार नहीं करता है लेकिन जब वह उसके एडवांस को रिजेक्ट करती है तो उसे नफरत होती है (समझिए दोस्तों) लेकिन फिर भी वह उससे प्यार करता है । ।
और
तीसरा और टरीपलेट
"विराज सिंह" नीक नेम "विर"
प्यारा, क्यूट, कूल,
अपने भाइयों में सबसे अट्रैक्टिव, तीसरा ट्रिपलेट लेकिन फिर भी अपने भाइयों की सिखाने के मुताबिक डोमिनेटिंग, जय राज से 5 मिनट छोटा और युवराज से 10 मिनट छोटा, हमेशा, पास्ट में अपनी माँ से बहुत जुड़ा हुआ था, अपने माता -पिता की मृत्यु के बाद, उसके भाई ही उसके लिए सबकुछ हैं, एक साल पहले विराज को के बिजनेस के लिए ट्रावेल से एक एक्सिडेंट का सामना करना पड़ा और उसे "पीटर पैन सिंड्रोम" हो गया, इसलिए अब वह एक बच्चे की तरह बिहेव करता है ।
लेकिन यह बात ज्हानवी को नहीं पता है । । और वह यहां बेडरूम में उनके साथ आया भी नहीं था । ।
ज्हानवी
तीन भाइयों की Forced single पत्नी, शर्मीली, प्यारी, ट्रेडिशनल, पोलाइट, स्वभाव से शांत, अनाथ, हाल ही में सिंह पेलेस में रहने के लिए आई, अपने न्युलीवेड लाइफ में एडजस्ट करने की कोशिश कर रही है । ।
ज्हानवी ने उन्हें हल्की सी मुस्कान दी और मुंहदिखाई को एक्सेपट कर लिया था । ।
कंट्रोल न कर पाने की वजह से जयराज ने उसके होंठों को अपने होंठों से मिला लिया था , उसके दोनों होंठों को अपने होंठों के बीच लेकर उन्हें चबाने लगा । ।
युवराज ने दूसरी तरफ से उसकी उंगलियों को चूमा, और वह उसके हाथ से लेकर उसकी ऊपरी बांह तक सोफट किसेज की बौछार करने लगा, दूसरी तरफ जयराज उसके निचले होंठों को काट रहा था । ।
ज्हानवी सदमे में कोई रिस्पांस न देते हुए फस्ट्रेड होकर उसके होंठों को काट रहा था, ज्हानवी ने उसे एंट्रेंस देते हुए हांफी थी, वह सदमे से बाहर आ गई और उसके गालों से आंसू बहने लगे क्योंकि वह तैयार नहीं थी । ।
लेकिन जयराज प्लेजर में इतना खो गया था कि उसे उसकी सिचुएशन का अहसास ही नहीं हुआ, उसने अपनी जीभ उसके मुंह के अंदर डाल दी और अपनी जीभ से उसके मुंह के हर कोने को सहलाना शुरू कर दिया था । ।
युवराज ने उसकी गर्दन को चूमना शुरू कर दिया, उसने उसकी स्किन को अपने दांतों के बीच लिया और उसे खींचा जिससे ज्हानवी कराह उठी । ।
जयराज के हाथ उसके प्राइवेट अंग को छूने से पहले नीचे की ओर बढ़ने लगते हैं कि ज्हानवी उसे जोर से धक्का देती है । ।
और जयराज का कमर जमीन को छूती है जिससे वह दर्द से कराह उठता है और वह खतरनाक तरीके से जहान्वी को घूरता है, युवराज अपने भाई को देखते हुए अपनी आँखें चौड़ी करता है और ज्हानवी हांफती है और अपने मुंह पर हाथ रख लेती है । ।
जयराज उसको घूरता हुआ देखकर वह रोने लगती है जिससे वे दोनों टेंशन में आ जाते हैं कि शायद उन्होंने उसे चोट पहुंचाई हो । ।
what happened baby did we hurt you somewhere.
ज्हानवी, क्या हुआ बेबी, क्या हमने तुम्हें कहीं चोट पहुंचाई है । । युवराज ने उसके चेहरे को सहलाते हुए उसने धीरे से पूछा था । ।
वह बहुत रोई और युवराज को गिल्टी महसूस कराया क्योंकि उसने उसकी परमिशन नहीं मांगी थी लेकिन उसकी बात सुनकर जयराज का जबड़ा सिकुड़ गया था । ।
जयराज : यह क्या बकवास है हमने तुम्हें एक विक पहले ही टाइम दे दिया था और तुम तैयार नहीं हो, सुनो हम तुम्हारे पति हैं और मैं तुम्हें अभी चाहता हूँ और तुम अपने पति के ओर्डर को रिजेक्ट नहीं कर सकती । ।
ज्हानवी डरीं हुईं दिखी और चुपचाप रोने लगी थी ।
युवराज : चुप रहो जय , वह हमारी पत्नी है, हमें उसकी फिलिंग्स का रिस्पेक्ट करना चाहिए । ।
ज्हानवी तुम चिंता मत करो, हम तुम्हें इस शादी के लिए मजबूर कर सकते हैं, लेकिन हम तुम्हें फिजिकल रिलेशन के लिए कभी मजबूर नहीं करेंगे, मैं तुम्हें अपने वचन देता हूँ । ।
"मैं विराज के साथ सोने जा रहा हूँ, क्योंकि उसे हममें से किसी एक की ज़रूरत है, जयराज तुम जहान्वी के साथ सो जाओ"
युवराज ने रेजिस्ट करने की कोशिश की, लेकिन युवराज ने उसे आँखों से चुप करा दिया था । ।
युवराज अपने बिस्तर से उठकर बाहर चला गया था । ।
ज्हानवी ने उनकी बातें सुनकर भौंहें सिकोड़ीं लेकिन चुप हो गई थी । ।
जयराज ने दरवाज़ा बंद किया और पीछे मुड़ा और एक शैतानी मुस्कान के साथ ज्हानवी को देखा था । ।
ज्हानवी भयभीत दिख रही थी । ।
"ओह गोविंद जी ये तो आज मेरे साथ सुहागरात मनाकर रहेंगे," वह सोचती है । ।
जयराज खतरनाक कदमों से आगे आया था । ।
"Now who will save you wifey"
"अब तुम्हें कौन बचाएगा बीवी"
जयराज के ज्हानवी तक पहुँचने से पहले, वह एक बच्चे की तरह जोर- जोर से रोने लगती है । । जयराज ने उसकी ओर अजीब नज़रों से देखा था ।
युवराज उसके रोने की आवाज़ सुनकर कमरे में वापस आया और कुछ ही सेकंड में ज्हानवी उसकी ओर दौड़ी और उसे गले लगा लिया क्योंकि उसकी सेफ्टी युवराज को खुश करने पर डीपेड कर रही थी । ।
युवराज : ज्हानवी क्या हुआ जयराज ने कुछ किया ? जिस पर ज्हानवी ने उसके सीने में हाँ में सिर हिलाया था । ।
युवराज ने अपने भाई को घूर कर देखा था । ।
जयराज : मैं तो उसे चिढ़ा रहा था । । (उसने सिर हिलाया)
"प्लीज आप हमारे साथ सो जाओ प्लीज़" ज्हानवी ने उससे प्यार से रिक्वेस्ट की जिसका वह मना नहीं कर सका था । ।
"ठीक है मैं आऊंगा लेकिन कुछ देर बाद और डरना मत वो कुछ नहीं करेगा ठीक है"
"ठीक है," ज्हानवी ने फिर से उसे गले लगाया, जिसके लिए युव ने मुस्कुराया और जय ने अपनी पत्नी की ओर अपनी भौंहें उठाईं, जो लगातार युव को गले लगा रही थी, लेकिन जय को उसके करीब आने की भी परमिशन नहीं दे रही थी । ।
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रिव्यू जरूर दें । । 📊 । । 📉 । ।
सुखी रहें । । ☺️ । । सुरक्षित रहे । । 😊 । । पढ़ते रहे 🤓 ।
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